बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा अनुशंसित हेडमास्टर पद के लिए काउंसलिंग (BPSC Headmaster Counselling) में शामिल होने वाले शिक्षकों को दस साल का सैलरी स्टेटमेंट (Teacher Salary Statement) देना होगा। इसके बिना काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। काउंसलिंग 20 फरवरी से मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी वैशाली पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण और शिवहर जिलों के करीब 900 शिक्षकों के लिए आयोजित की जाएगी।
HighLights
- शिक्षा विभाग की ओर मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी, वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण व शिवहर की डीआरसीसी सिकंदरपुर में 20 से काउंसलिंग से होगा स्लॉट आवंटन, प्रमंडल के करीब 900 शिक्षकों होंगे शामिल
मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी, वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण व शिवहर जिले के करीब 900 से अधिक शिक्षकों का हेडमास्टर के लिए दो दिनों तक काउंसलिंग होना है। क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने डीआरसीसी में चल रही काउंसलिंग की टीम में किसी भी तरह का बदलाव नहीं करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा, आरडीडीई ऑफिस के डीपीओ को सभी प्रमाण पत्रों पर हस्ताक्षर करने का आदेश दिया है। कांउसलिंग को लेकर स्लॉट का निर्धारण विभाग के स्तर पर किया जाएगा। इसकी सूचना शिक्षकों के मोबाइल पर मिलेगी।
अनुभव का सत्यापन सैलरी स्टेटमेंट से होगा:
मंगलवार को वीसी के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारियों को वीसी के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारियों को गाइडलाइंस की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारियों को कहा गया कि निजी स्कूल के शिक्षकों की कागजात की जांच सही तरीके से होनी चाहिए। हेडमास्टर के लिए दस साल का अनुभव आवश्यक है। अनुभव का सत्याापन सैलरी स्टेटमेंट से होगा।
काउंसलिंग के दौरान निजी स्कूल के शिक्षक दस साल की सैलरी स्टेटमेंट देंगे, इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। अबकी बार काउंटर की संख्या बढ़ने की संभावना है, क्योंकि पूरे प्रमंडल की काउंसलिंग होनी है। प्रधान शिक्षक की तुलना में हेडमास्टर की काउंसलिंग में प्रमाण पत्रों की संख्या अधिक है।
