-->

बिहार शिक्षक ट्रांसफर-पोस्टिंग: 14 दिनों में पूरी होगी प्रक्रिया, 1 जुलाई से नए स्कूल में पढ़ाएंगे शिक्षक

Bihar Teacher Transfer-Posting News: शिक्षकों का ट्रांसफर और पोस्टिंग 14 दिनों में पूरी होगी, 1 जुलाई से नए स्कूल में पढ़ाएंगे शिक्षक

बिहार के सरकारी विद्यालयों के लाखों शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर है। शिक्षा विभाग ने राज्य के 5.80 लाख शिक्षकों के बहुप्रतीक्षित ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया के लिए पूरी योजना तैयार कर ली है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, इस बार पूरी प्रक्रिया को 14 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्य अपडेट और महत्वपूर्ण तिथियाँ

शिक्षा विभाग आगामी 17 जून को कैबिनेट में नई ट्रांसफर नीति पेश करेगा। कैबिनेट की मंजूरी के तुरंत बाद इस प्रक्रिया को लागू कर दिया जाएगा। मुख्य तिथियाँ इस प्रकार हैं:

  • 18 से 20 जून: नई ट्रांसफर नीति को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
  • 20 से 25 जून (6 दिन): शिक्षक अपनी पसंद और आवश्यकता के आधार पर ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे।
  • 26 जून के बाद: आवेदन के आधार पर शिक्षकों की नई स्कूलों में पोस्टिंग की जाएगी।
  • 1 से 7 जुलाई: शिक्षकों को नए स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने का समय दिया जाएगा। यदि कोई शिक्षक इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो उन्हें इसका ठोस कारण बताना होगा।

ट्रांसफर-पोस्टिंग के नए नियम: 'एक विषय, एक शिक्षक'

शिक्षा विभाग ने इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष मापदंड तय किए हैं:

  • विषय-वार पोस्टिंग: यह नीति 'एक विषय, एक शिक्षक' के आधार पर काम करेगी। यदि किसी स्कूल में एक विषय पर आवश्यकता से अधिक शिक्षक होंगे, तो उनका ट्रांसफर दूसरे स्कूलों में कर दिया जाएगा।
  • मानक (Standard):
    • कक्षा 1 से 5: 120 छात्रों पर 5 शिक्षकों की तैनाती।
    • कक्षा 121 से 150: 6 शिक्षकों की तैनाती।
    • कक्षा 1 से 8: विद्यालयों में न्यूनतम 9 शिक्षकों की तैनाती अनिवार्य होगी।
  • रिक्ति की जानकारी: शिक्षक आवेदन करते समय शिक्षा विभाग द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई रिक्त सीटों की जानकारी देख सकेंगे।

11 राज्यों की नीतियों का अध्ययन

विभाग ने इस प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा सहित कुल 11 राज्यों की शिक्षक ट्रांसफर नीतियों का गहराई से अध्ययन किया है। बिहार सरकार ने भौगोलिक स्थिति, शिक्षकों की मांग, छात्रों की संख्या और शहरी-ग्रामीण स्कूलों की स्थिति की समीक्षा के बाद ही यह 'बिहार मॉडल' तैयार किया है।

शिक्षक क्यों चिंतित थे और समाधान क्या है?

पिछले 2 वर्षों से बिहार में ट्रांसफर-पोस्टिंग पर काम चल रहा था और इस दौरान 1.80 लाख शिक्षकों का ट्रांसफर हुआ भी, लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हो सकी थी। कई शिक्षक पटना, मुजफ्फरपुर, गया, और वैशाली जैसे शहरों में पोस्टिंग चाहते हैं, जिससे ग्रामीण स्कूलों के खाली होने का खतरा बना हुआ था। नई नीति में इस संतुलन को ध्यान में रखते हुए, शिक्षकों को रिक्त सीटों के आधार पर ही मौका दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री का बयान: "बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक और छात्रों के अनुपात में ही ट्रांसफर-पोस्टिंग होगी। किसी भी स्कूल में एक विषय के लिए अतिरिक्त शिक्षकों को दूसरे स्कूल में भेजा जाएगा। इससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों को शिक्षक मिल जाएंगे।" — मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री
#शिक्षितबिहार #BiharTeacherTransfer #BPSC #BiharEducationDept #TeacherNews #BiharNews #TransferPolicy2026

تعليق واحد

  1. Hope it will gon on time .
Cookie Consent
We serve cookies on this site to analyze traffic, remember your preferences, and optimize your experience.
Oops!
It seems there is something wrong with your internet connection. Please connect to the internet and start browsing again.
AdBlock Detected!
We have detected that you are using adblocking plugin in your browser.
The revenue we earn by the advertisements is used to manage this website, we request you to whitelist our website in your adblocking plugin.
Site is Blocked
Sorry! This site is not available in your country.