शिक्षक बहाली टीआरई-2 का पेपर भी लीक था:जांच के घेरे में 3 कोचिंग संचालक , परीक्षा माफिया पेपर लेने बिहार सरकार का बोर्ड लगी स्कॉर्पियो से आए थे
शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-3 के पेपर लीक मामले में ईओयू ने कोर्ट में चार्जशीट जमा कर दी है। जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। माफियाओं ने टीआरई-2 का पेपर भी लीक किया था। टीआरई-3 की दोबारा हुई परीक्षा का परिणाम 13 नंवबर 2024 को आया। 44,704 सफल हुए हैं। 15 मार्च 2024 को टीआरई-3 की परीक्षा थी। परीक्षा से पहले ही माफियाओं ने पेपर लीक कर दिया। परीक्षा रद्द हुई। 19 से 22 जुलाई 24 तक टीआरई-3 की दोबारा परीक्षा हुई। इस मामले में ईओयू में 16 मार्च 24 को केस किया था। अब तक 266 लोगों से अधिक की गिरफ्तारी हो चुकी है।
गौरतलब है कि टीआरई-2 की परीक्षा 7 से 15 दिसंबर 22 तक हुई थी। करीब 1.22 लाख अभ्यर्थी सफल हुए थे। टीआरई-3 पेपर लीक में आरोपित और जेनिथ लॉजिस्टिक के मुंशी राहुल के मोबाइल के सीडीआर में एक मोबाइल नंबर मिला। जो ‘पिकअप चोर चौधरी’ के नाम से सेव था। यह मोबाइल नंबर पिकअप के ऑनर अगमकुआं के रहने वाले रामनिवास चौधरी का है।
टीआरई-3 में भी बिहारशरीफ ले जाने वाली पिकअप वैन से पेपर लीक हुआ था
टीआरई-3 में भी ऐसा ही मामला सामने आया। नगरनौसा के एक ढाबे पर पिकअप वैन रोककर प्रश्नपत्र लीक किया गया। इस काम के लिए वैन चालक रामभवन पासवान को 7,000 रुपए दिए गए। पेपर लीक का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया और उसका बेटा डॉ. शिव था।
कैसे हुआ लीक... सराय व मुजफ्फपुर के बीच वैन से पेपर उड़ाया गया
➡️ टीआरई-2 का प्रश्नपत्र विभिन्न जिलों तक ढोने वाली गाड़ियों में एक पिकअप का चालक भोजपुर का शिवकांत सिंह था। दिसंबर 23 में परीक्षा से पहले शिवकांत और राहुल टीआरई-2 का प्रश्नपत्र लेकर पटना से मोतिहारी के लिए निकला।
➡️ शिवकांत ने बताया कि सराय टोल टैक्स पहुंचने पर राहुल ने गाड़ी रुकवा दी। वहां बिहार सरकार लिखी हुई स्कार्पियो और एक एल्ट्रोज कार आई। उससे 6-7 लोग उतरे। फिर पिकअप से प्रश्नपत्र वाला एक बॉक्स उतारकर स्कार्पियो में रखा गया।
➡️ सुमित पिकअप में बैठ गया। स्कार्पियो व एल्ट्रोज आगे निकलीं। फिर शिवकांत और सुमित पिकअप लेकर मोतिहारी के लिए निकले। घंटे भर बाद पिकअप जब मुजफ्फरपुर में रामदयालु चौक पहुंची तब वहां पहले से स्कार्पियो और एल्ट्रोज लगी हुई थी।
➡️ इसके बाद राहुल ने पिकअप से निकाला गया पेपर बॉक्स पिकअप में वापस रख दिया। इसके बाद शिवकांत और सुमित पेपर लेकर मुजफ्फरपुर से मोतिहारी डीएम ऑफिस के लिए निकल गए। शिवकांत ने पुलिस से कहा कि मुझे पेपर लीक कराने के लिए राहुल ने 5 हजार रुपया दिया था।
➡️ रामनिवास चौधरी के अनुसार 2023 के दिसंबर महीने में परीक्षा से पहले टीआरई-2 का प्रश्नपत्र ट्रांस्पोर्टेशन के दौरान लीक कराया गया था। इसके एवज में राहुल ने उन्हें गाड़ी के भाड़ा के अलावा 8 हजार रुपए भी दिए थे।
➡️ टीआरई-3 में भी डीटीडीसी वालों ने जिलों में प्रश्नपत्र भेजने के लिए इसके पिकअप वैन का इस्तेमाल किया था और प्रश्नपत्र लीक हुआ। इसके लिए राहुल ने श्रीनिवास को 25 हजार रुपए दिए थे।
3 कोचिंग संचालक जांच के घेरे में
ईओयू को टीआरई-3 पेपर लीक में पटना के तीन कोचिंग संचालकों की तलाश है। इन कोचिंग संस्थानों में प्रश्नपत्र सॉल्व कराए गए थे। संजीव मुखिया और उसके गिरोह ने इन कोचिंग संस्थानों को पेपर उपलब्ध कराया और कैंडिडेट्स भी भेजे। संजीव मुखिया पर आय से अधिक संपत्ति का केस भी दर्ज हो चुका है।
जेल से फोन कर सबूत मिटवाया
डॉ. शिव पहले ही सिपाही बहाली पेपर लीक मामले में उज्जैन से अपनी गर्लफ्रेंड और अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार हुआ था। फिलहाल वो बेउर जेल में बंद है। जेल से उसने अपने सहयोगियों को फोन कर सबूत मिटाने के निर्देश दिए। करण नाम के व्यक्ति ने राहुल का फोन फॉर्मेट कर सारे साक्ष्य डिलीट कर दिए।
