🌟 बिहार स्कूलों में नई गाइडलाइंस 🌟
👉 ACS डॉ. एस. सिद्धार्थ के निर्देश:
1. सरकारी शिक्षक कोचिंग नहीं पढ़ाएंगे
कोचिंग पढ़ाने पर होगी कार्रवाई।
सरकारी शिक्षक कोचिंग या ट्यूशन चलाने पर पूरी तरह रोक।
2. स्कूली बच्चे स्कूल टाइम में कोचिंग नहीं जाएंगे
सरकारी स्कूल के नामांकित बच्चे स्कूल टाइम के बाद कोचिंग क्लास कर सकते हैं।
3. स्कूलों में रील्स बनाने पर रोक
किसी भी तरह की डांस या ड्रामा रील्स बनाने पर कार्रवाई होगी।
शिक्षकों के लिए रील्स बनाने पर भी प्रतिबंध।
डॉ. एस. सिद्धार्थ ने यह बातें शिक्षक संवाद के दौरान कही। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को प्राथमिकता देने का सख्त निर्देश दिया गया है।
⛔ नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई।
🌟 विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की शक्तियों पर ACS डॉ. एस. सिद्धार्थ के निर्देश 🌟
👉 प्रधानाध्यापकों को दी गई शक्तियां:
यदि कोई शिक्षक पढ़ाई में लापरवाही कर रहा है या छात्रों को पढ़ाने से मना कर रहा है, तो प्रधानाध्यापक लिखित शिकायत कर सकते हैं।
प्रधानाध्यापक को अधिकार है कि वे सरकारी नियमों का पालन न करने वाले शिक्षकों और छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करें।
सरकार प्रधानाध्यापकों की शिकायतों को गंभीरता से लेती है और तुरंत जांच टीम भेजती है।
👉 सामूहिक विवाद से बचें:
डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि प्रधानाध्यापकों की शिकायतों में अक्सर गुटबाजी की बात सामने आती है।
उन्होंने प्रधानाध्यापकों से अपील की है कि शिकायतें द्वेषपूर्ण भावना से न करें।
अब तक किसी प्रधानाध्यापक ने शिक्षकों द्वारा पढ़ाई न कराने की शिकायत नहीं की है।
👉 प्रधानाध्यापकों की भूमिका:
विद्यालय की गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करें।
स्कूल में समय पर पढ़ाई और सरकार के आदेशों का पालन कराएं।
⛔ शिक्षा में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी, लेकिन द्वेषपूर्ण शिकायतें नहीं स्वीकार की जाएंगी।