औरंगाबाद जिले के शाहपुर निवासी रूपा कुमारी का BPSC TRE 3 में शिक्षक के रूप चयन हुआ है. अपने पति के हौसले से लगातार 2 बार असफल हो रही रूपा कुमारी ने बीपीएससी शिक्षक के रूप में सफलता हासिल किया है.
औरंगाबाद : जब लक्ष्य बड़ा हो तो सपनों को पंख मिल ही जाता है. बहुत ही कम उम्र में शादी होने के बाद भी नौकरी की लालसा ने औरंगाबाद की रूपा कुमारी को कामयाबी दिला ही दी. औरंगाबाद जिले के शाहपुर निवासी रूपा कुमारी का BPSC TRE 3 में शिक्षक के रूप चयन हुआ है. अपने पति के हौसले से लगातार 2 बार असफल हो रही रूपा कुमारी ने बीपीएससी शिक्षक के रूप में सफलता हासिल किया है.
कम उम्र में हो गई शादी
बता दें कि रूपा कुमारी के पिता बारुण प्रखंड के टेंगरा गांव में छोटा सा मेडिकल में काम करते हैं, वहीं मां गृहणी हैं. बेहद गरीब परिवार से आने वाली रूपा की शादी 2016 में 19 वर्ष की उम्र में कर दी गई थी और वो कई सपनों को संजोए हुए परिवार का बोझ भी उठाने लगी. रूपा का उनके पति ने हौसला बढ़ाया और कहा कि तुम नौकरी के लिए तैयारी करो, जो भी खर्च होगा हम करने को तैयार हैं.
2 बार असफल होने के बाद हुई सफल
रूपा कुमारी ने लोकल 18 को बताया कि उनके पति प्राइवेट काम करते हैं. शुरुआती समय में घर चलाने के लिए प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने का काम शुरू किया, लेकिन पति ने हौसला बढ़ाया तो पढ़ाई शुरू की. घर से पढ़ते हुए उन्होंने बीपीएससी TRE 1 में परीक्षा दिया, लेकिन कुछ मार्क्स से पीछे रह गई. इसके बाद दूसरी बार ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाई करते हुए TRE 2 की परीक्षा दी, जिसमें कुछ अंकों से फिर असफल हो गई. रूपा ने बताया कि घर की ऐसी स्थित नहीं थी कि फीस देकर किसी कोचिंग को ज्वाइन कर सके. ऐसे में शहर के चर्चित विराट क्लासेस के निदेशक अमित सर ने मदद मांगी और उन्होंने अपने कोचिंग में निशुल्क शिक्षा दिया. बता दें कि TRE 3 में 6 – 8 में बीपीएससी शिक्षक के रूप में सफलता हासिल कर लिया है.
निःशुल्क शिक्षा देते हैं अमित
शिक्षक अमित कुमार ने बताया कि रूपा कुमारी शुरू से पढ़ाई में विशेष ध्यान देती थी. इनके दो बच्चे हैं और इसके बावजूद इन्होंने अपने लक्ष्य पर फोकस किया और सफल हुई. बात दें कि ऐसे बच्चों के लिए यहां निःशुल्क शिक्षा दिया जाता है.