BPSC Exam News पटना में BPSC अभ्यर्थियों को विरोध जताना महंगा पड़ गया है। पुलिस ने इन अभ्यर्थियों पर जमकर लाठी चार्ज कर दिया है। कई अभ्यर्थी इस लाठीचार्ज में घायल हो गए हैं। कई छात्रों के सिर भी फूट गए हैं। छात्र परीक्षा पर स्टे लगाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन विभाग इसके लिए तैयार नहीं हो रहा है।
पटना: बिहार की राजधानी पटना में BPSC अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया गया है। कई अभ्यर्थी इस लाठीचार्ज में घायल हो गए हैं। कइयों को हिरासत में भी लिया गया। कुछ छात्रों के सिर भी फूट गए हैं। छात्र परीक्षा पर स्टे लगाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन विभाग इसके लिए तैयार नहीं हो रहा है।
क्या है छात्रों की मांग
बताया जा रहा है कि नॉर्मलाइजेशन विधि से बीपीएससी एकीकृत 70वीं का परिणाम जारी करने का विरोध करने आए छात्रों पर अचानक पुलिस लाठी भांजने लगी। इसके बाद कई छात्रों के सिर पर भी चोट आई।वहीं आयोग के सचिव सत्य प्रकाश ने कहा कि आयोग नॉर्मलजेशन विधि से रिजल्ट जारी नहीं करेगा इसकी जानकारी पूर्व में ही सार्वजनिक किया जा चुका है। कुछ लोग आयोग की छवि खराब करने के लिए अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं।
महिला पुलिस अधिकारी ने विरोध को बताया अवैध
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एक महिला पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि यह विरोध पूरी तरह से अवैध है। हमने अभ्यर्थियों से कहा कि आप 5 लोगों का डेलिगेशन लेकर आइए और आराम से बात करिए लेकिन ये लोग हमारी बात नहीं मान रहे हैं। इसलिए अब बल प्रयोग करना पड़ रहा है।
#WATCH | Patna, Bihar: DSP Anu Kumari says, "The protest is illegal as they have no permission. We are demanding the names of the delegation of five people who will keep their demands forward" https://t.co/FK4NALa5cP pic.twitter.com/hQUYoenn14
परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र के कई सेट बनाए गए: आयोग
आयोग ने स्पष्ट किया है कि 13 दिसंबर की परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र के कई सेट बनाए गए हैं। इनमें किसी एक सेट से सभी केंद्रों पर परीक्षा होगी। किस सेट से परीक्षा होगी। इसका निर्णय परीक्षा प्रारंभ होने से कुछ देर पहले किया जाएगा। प्रश्नपत्र का बॉक्स अभ्यर्थियों के सामने उनके कक्ष में खुलेगा। प्रश्नपत्र के बॉक्स को चिपकाने वाला कलर सीट से कई स्तर पर सील किया जाएगा। बॉक्स के चारों ओर कलर सीट लपेटा जाएगा। लॉक भी कई स्तर से सील होंगे। छेड़छाड़ की स्थिति में इसे पूर्व की तरह नहीं किया जा सकेगा। इसके गवाह अभ्यर्थी होंगे।
