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BPSC 70th संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द की मांग, 13 Dec को हुई थी आयोजित, तेजस्वी यादव ने CM नीतीश को लिखा लेटर

आयोग ने खुद माना है कि कदाचार मुक्त परीक्षा नहीं हुई है. ऐसी स्थिति में आयोग द्वारा 13 दिसंबर को संपन्न 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को पूरी तरह रद्द करते हुए सभी अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित की जाए.


    Former Bihar Deputy Chief Minister Tejashwi Prasad Yadav 

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखकर बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और पुनर्परीक्षा कराने की मांग की है. तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि 13 दिसंबर को आयोजित बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा में कदाचार के उजागर होने पर पटना स्थित बापू परीक्षा केंद्र में आयोजित परीक्षा को रद्द कर सिर्फ उस केंद्र की पुनर्परीक्षा आयोजित कराना, सरकारी नियुक्ति प्रक्रियाओं में व्याप्त संस्थागत भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश भर है. ऐसी परिस्थिति में, समस्त अभ्यर्थियों के हित में परीक्षा आयोजन में सभी अभ्यर्थियों के लिए ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ उपलब्ध कराना सरकार एवं बीपीएससी की अहम जिम्मेवारी है. अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग प्रश्न-पत्रों द्वारा आयोजित परीक्षा से अभ्यर्थियों के मेधा का सही मूल्यांकन संभव नहीं हो पाएगा.

बापू परीक्षा केंद्र शक के दायरे में

पत्र में उन्होंने यह भी कहा है कि बापू परीक्षा केंद्र में परीक्षा संचालन के लिए सहायक केंद्राधीक्षक, वीक्षक, सहायक एवं चतुर्थवर्गीय कर्मी, सरकारी नहीं होकर प्राइवेट एजेंसी के कर्मी थे. इस महत्वपूर्ण परीक्षा में प्राइवेट एजेंसी के लोगों द्वारा परीक्षा संचालन करवाना कहां तक न्यायोचित है?

आयोग ने माना कदाचार मुक्त परीक्षा नहीं हुई

उन्होंने मांग करते हुए आगे लिखा है कि आयोग ने खुद माना है कि कदाचार मुक्त परीक्षा नहीं हुई है. ऐसी स्थिति में आयोग द्वारा 13 दिसंबर को संपन्न 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को पूरी तरह रद्द करते हुए सभी अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित की जाए. कुछ निजी कोचिंग संस्थानों द्वारा परीक्षा से पहले जारी मॉडल प्रश्न पत्र के प्रश्नों में से 25 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों का मेल कर जाना क्या एक संयोग मात्र है, इसकी जांच की आवश्यकता है. इस परीक्षा में हुए व्यापक कदाचार की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.

हजारों अभ्यर्थी कई दिनों से धरना-प्रदर्शन पर

राजद नेता ने आगे कहा कि हजारों अभ्यर्थी ठंड के मौसम में खुले में रात-दिन बीपीएससी की हठधर्मिता एवं असंवेदनशील व्यवहार के विरोध में विगत कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. इस परिस्थिति में उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करते हुए धरना-प्रर्दशन को समाप्त कराने की कोशिश की जाए. वरना, उनकी जानमाल की जबावदेही सरकार की होगी. हमारी मांग है कि बीपीएससी पीटी पुनर्परीक्षा एक दिन, एक शिफ्ट, एक पेपर एवं एक पैटर्न में बिना पेपर लीक के संपन्न कराई जाए. उम्मीद है कि अभ्यर्थियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा.

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