बिहार दिवस: कविता के संग संस्कृति का उत्सव
बिहार दिवस 2025 के शुभ अवसर पर इस शीर्षक के अंतर्गत बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक गौरव को यहां कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है.
इसमें बिहार की कला, संगीत, लोक संस्कृति और प्रसिद्ध व्यक्तित्वों का जिक्र किया गया है जिसे मेरे आवाज में MP3 फॉर्मेट में डाउनलोड भी कर सकते हैं.
1. बिहार की प्रगति – नए दौर की पहचान
बिहार की माटी, इतिहास महान,
ज्ञान की धरती, बुद्ध का स्थान।
चाणक्य की नीति, अशोक का मान,
हर युग में पाया ऊँचा स्थान।
नालंदा-तकशिला की थी पहचान,
जहाँ से फैला शिक्षा का ज्ञान।
अब फिर से जग में बज रही गूँज,
बिहार बढ़े, हर सपना हो पूर।
गंगा बहाए समृद्धि की धार,
खेतों में लहराए सोना अपार।
किसानों की मेहनत, माटी का प्यार,
हरियाली से महके गाँव और नगर।
शिक्षा, व्यापार, उन्नति के रंग,
नए सपनों संग बढ़ते कदम।
तकनीक से जुड़ रहा हर किसान,
आत्मनिर्भर बन रहा बिहार महान।
बिजली, सड़क, उद्योग बढ़े,
हर युवा अब आगे चढ़े।
संघर्षों को पीछे छोड़कर,
बिहार नया इतिहास गढ़े।
चलो मिलकर कसम ये खाएँ,
प्रगति की राह को और सजाएँ।
बिहार दिवस पर यही अरमान,
रहे अग्रणी अपना बिहार महान!
**जय बिहार! जय भारत!**
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2. नए बिहार की नई उड़ान
बिहार की धरती, संघर्ष की पहचान,
गौरवशाली अतीत, shining नया विहान।
चंपा की खुशबू, गंगा की धार,
संस्कृति में बसता है अपना बिहार।
नालंदा-विश्वविद्यालय की थी शान,
अब फिर से रचेगा इतिहास महान।
शिक्षा की लौ जलती रहे,
ज्ञान की गंगा बहती रहे।
खेती में हम हैं सबसे आगे,
मेहनत से हर सपना भागे।
धान, गेहूं, मक्का की लहर,
खेतों में गूंजे हरियाली का स्वर।
सड़कों का जाल, उद्योग बड़े,
हर हाथ को मेहनत के अवसर मिले।
युवाओं को शिक्षा, हुनर की राह,
सपनों में उड़ान, सफलता की चाह।
पटना से पूर्णिया, गया से चंपारण,
हर जिले में दिखे विकास का आंगन।
नए बिहार का नया है दौर,
आगे बढ़ेगा, रहेगा सरताज।
चलो मिलकर कदम बढ़ाएँ,
बिहार को नयी ऊँचाई दिलाएँ।
बिहार दिवस पर शपथ यही,
हम सब मिलकर करें सजीव!
जय बिहार! जय भारत!
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3. उगता सूरज, बढ़ता बिहार
गंगा की लहरों में सपने सजे,
खेतों में मेहनत के मोती जड़े।
धूप में तपकर जो सोना बने,
वो धरती बिहार की पहचानी गए।
ज्ञान की ज्योति, नालंदा की शान,
चंपा की खुशबू, मगध का मान।
बुद्ध ने यहीं सत्य को जाना,
अशोक ने यहीं प्रेम पहचाना।
अब फिर से उठी है विकास की धार,
नए सफर पर निकला बिहार।
सड़कों के नक्शे, पुलों की पहचान,
हर गाँव में बिजली, हर घर में ज्ञान।
उद्योगों की हलचल, मशीनों की चाल,
हुनरमंद हाथों को मिल रहा हाल।
किसानों के खेतों में हरियाली छाई,
मेहनत की खुशबू हवाओं में आई।
युवाओं के सपनों को पंख मिल रहे,
नई राहों से नए रंग खिल रहे।
सशक्त है नारी, मज़बूत है द्वार,
आत्मनिर्भर बन रहा बिहार।
न रुकेगा, न थमेगा, न पीछे मुड़ेगा,
हर मुश्किल को ये पार करेगा।
चलो संग चलें, नए इतिहास रचाएँ,
बिहार दिवस पर ये दीप जलाएँ!
बढ़े चलो, थमो नहीं,
उगते सूरज को रोको नहीं।”
जय बिहार! जय भारत!
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एक बार पुनः आप सभी को बिहार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
